"मैंने स्वप्न देखा कि जीवन आनंद है. मैं जागा और पाया कि जीवन सेवा है. मैंने सेवा की और पाया कि सेवा में ही आनंद है."
नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर जी की जयंती पर नमन “आस्था वो पक्षी है जो भोर के अँधेरे में भी उजाले को महसूस करती है।” की जयंती पर शत शत नमन ।🙏
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